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Pashupat Pujan: भगवान पशुपतिनाथ की दिव्य कृपा प्राप्त करने का शक्तिशाली माध्यम पशुपत पूजन क्या है? पशुपत पूजन भगवान शिव के पशुपतिनाथ स्वरूप को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली तांत्रिक अनुष्ठान माना जाता है। भगवान पशुपतिनाथ समस्त जीवों के स्वामी और रक्षक माने जाते हैं। उनकी उपासना प्राचीन काल से की जाती रही है। DivyayogAshram में यह पूजा सामान्य वैदिक विधि से नहीं करवाई जाती। यह विशेष तांत्रोक्त विधि द्वारा सम्पन्न करवाई जाती है। हमारे निपुण और अनुभवी पंडित इस अनुष्ठान को पूर्ण नियमों के साथ सम्पन्न करते हैं। तांत्रोक्त पूजा में विशेष मंत्र, आवाहन, न्यास तथा ऊर्जात्मक प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जाता है। इसलिए इसे अधिक प्रभावशाली माना जाता है। अनेक साधक इसे विशेष कार्य सिद्धि और सुरक्षा हेतु करवाना पसंद करते हैं। यह पूजा भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है। साथ ही जीवन में आने वाली अनेक बाधाओं को कम करने का प्रयास भी किया जाता है। भगवान पशुपतिनाथ का परिचय भगवान पशुपतिनाथ शिव का करुणामय और रक्षक स्वरूप माना जाता है। वे समस्त प्राणियों के पालनकर्ता कहे जाते हैं। शिव पुराण और अनेक ग्रंथों में भगवान पशुपति का विशेष महत्व बताया गया है। उनकी कृपा से जीवन में संतुलन और सुरक्षा प्राप्त होने की मान्यता है। जब व्यक्ति स्वयं को असुरक्षित महसूस करता है, तब भगवान पशुपतिनाथ की उपासना विशेष महत्व रखती है। उनकी कृपा से आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होने का विश्वास किया जाता है। इसलिए अनेक भक्त नियमित रूप से उनकी आराधना करते हैं। तांत्रोक्त पशुपत पूजन अधिक प्रभावशाली क्यों माना जाता है? तांत्रोक्त पूजा विशेष मंत्रों और ऊर्जात्मक प्रक्रियाओं पर आधारित होती है। इसमें देव ऊर्जा जागरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस पूजा में केवल मंत्रोच्चार नहीं किया जाता। साथ ही विशिष्ट अनुष्ठान और साधनात्मक प्रक्रियाएँ भी सम्मिलित होती हैं। वैदिक पूजा अत्यंत पवित्र और श्रेष्ठ मानी जाती है। वहीं तांत्रोक्त पूजा को विशेष उद्देश्य पूर्ति हेतु अधिक प्रभावशाली माना जाता है। इसी कारण अनेक साधक सुरक्षा, सफलता और आध्यात्मिक उन्नति हेतु तांत्रोक्त पशुपत पूजन करवाना पसंद करते हैं। DivyayogAshram में यह पूजा श्रद्धा, नियम और अनुभवी पंडितों के मार्गदर्शन में सम्पन्न करवाई जाती है। पशुपत पूजन से लाभ पशुपत पूजन से अनेक आध्यात्मिक और लौकिक लाभ प्राप्त होने की मान्यता है। • नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा प्राप्त हो सकती है। • मानसिक शांति में वृद्धि अनुभव की जा सकती है। • आत्मविश्वास मजबूत हो सकता है। • आध्यात्मिक शक्ति बढ़ सकती है। • भय और असुरक्षा कम हो सकती है। • ग्रहजनित बाधाओं में राहत मिल सकती है। • कार्यों में सकारात्मकता बढ़ सकती है। • व्यवसाय में उन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। • पारिवारिक सामंजस्य बेहतर हो सकता है। • आध्यात्मिक साधना में एकाग्रता बढ़ सकती है। • शिव कृपा का अनुभव किया जा सकता है। • जीवन में संतुलन स्थापित हो सकता है। • विरोधियों से मानसिक सुरक्षा का भाव मिल सकता है। • सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है। • आध्यात्मिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। कौन इस पूजा को करवा सकता है? यह पूजा सभी श्रद्धालुओं के लिये उपयुक्त मानी जाती है। • गृहस्थ परिवार। • व्यवसायी। • नौकरीपेशा व्यक्ति। • विद्यार्थी। • आध्यात्मिक साधक। • शिव भक्त। • तनावग्रस्त व्यक्ति। • ग्रह दोष से प्रभावित लोग। • सुरक्षा की भावना चाहने वाले श्रद्धालु। • आध्यात्मिक उन्नति चाहने वाले व्यक्ति। श्रद्धा रखने वाला कोई भी व्यक्ति यह पूजा करवा सकता है। यह पूजा किन लोगों के लिये लाभकारी है? जीवन में बार-बार बाधाएँ आने वाले लोग यदि कार्य बार-बार रुकते हों, तब यह पूजा लाभकारी मानी जाती है। मानसिक तनाव से प्रभावित व्यक्ति जो लोग चिंता और भय अनुभव करते हैं, उन्हें यह पूजा मानसिक बल प्रदान कर सकती है। व्यवसाय और करियर में संघर्ष करने वाले लोग जो लोग उन्नति चाहते हैं, उनके लिये यह पूजा उपयोगी मानी जाती है। आध्यात्मिक साधक जो शिव साधना में प्रगति चाहते हैं, उन्हें यह पूजा विशेष लाभ प्रदान कर सकती है। पशुपत पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त पशुपत पूजन किसी भी शुभ दिन करवाया जा सकता है। फिर भी कुछ विशेष अवसर अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं। • सोमवार। • प्रदोष काल। • मासिक शिवरात्रि। • महाशिवरात्रि। • श्रावण मास। • सावन सोमवार। • गुरु पुष्य योग। • अमृत सिद्धि योग। • विशेष जन्म नक्षत्र दिवस। उचित मुहूर्त की जानकारी DivyayogAshram से प्राप्त की जा सकती है। प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन सहभागिता श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार पूजा में भाग ले सकते हैं। प्रत्यक्ष सहभागिता आप स्वयं उपस्थित होकर पूजा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन सहभागिता दूर रहने वाले श्रद्धालु भी पूजा में सम्मिलित हो सकते हैं। पूरी पूजा विधिवत सम्पन्न की जाती है। इसलिए घर बैठे भी श्रद्धालु इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन पूजा में क्या प्रदान किया जाता है? ऑनलाइन पूजा को व्यवस्थित रूप से सम्पन्न किया जाता है। पूजन पूर्ण होने के पश्चात निम्न सामग्री प्रदान की जाती है। • पूजा की फोटो। • वीडियो क्लिप। • अभिमंत्रित यंत्र। • अभिमंत्रित कवच। • पूजन आशीर्वाद। • आवश्यक मार्गदर्शन। इस प्रकार श्रद्धालु दूर रहकर भी पूजा से जुड़ सकते हैं। DivyayogAshram में पशुपत पूजन क्यों करवाएं? DivyayogAshram में अनुभवी पंडितों द्वारा विधिवत पूजा सम्पन्न की जाती है। प्रत्येक अनुष्ठान निर्धारित नियमों के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। साथ ही तांत्रोक्त विधि का विशेष पालन किया जाता है। श्रद्धालुओं को उचित मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। इसलिए अनेक भक्त विश्वासपूर्वक इस सेवा का लाभ लेते हैं। FAQ 1. पशुपत पूजन किस उद्देश्य से किया जाता है? यह पूजा सुरक्षा, सफलता और शिव कृपा प्राप्त करने हेतु की जाती है। 2. क्या ऑनलाइन पूजा करवाई जा सकती है? हाँ, ऑनलाइन माध्यम से पूर्ण पूजा सम्पन्न करवाई जा सकती है। 3. क्या स्वयं उपस्थित होना आवश्यक है? नहीं, ऑनलाइन सहभागिता भी स्वीकार की जाती है। 4. पूजा के बाद क्या प्रदान किया जाता है? फोटो, वीडियो, यंत्र और कवच प्रदान किये जाते हैं। 5. क्या महिलाएँ यह पूजा करवा सकती हैं? हाँ, महिलाएँ और पुरुष दोनों यह पूजा करवा सकते हैं। 6. क्या व्यवसाय वृद्धि हेतु यह पूजा लाभकारी है? हाँ, अनेक श्रद्धालु इसे व्यवसायिक उन्नति हेतु करवाते हैं। 7. क्या तांत्रोक्त पूजा अधिक प्रभावशाली मानी जाती है? हाँ, अनेक साधक इसे विशेष फलदायी मानते हैं। 8. क्या विशेष मुहूर्त आवश्यक है? विशेष मुहूर्त लाभकारी माना जाता है, परन्तु अन्य शुभ दिन भी उपयुक्त हैं। अंत मे पशुपत पूजन भगवान पशुपतिनाथ की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत पवित्र माध्यम माना जाता है। तांत्रोक्त विधि द्वारा सम्पन्न यह पूजा विशेष प्रभावशाली मानी जाती है। यदि आप सुरक्षा, सफलता, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं, तब DivyayogAshram द्वारा सम्पन्न पशुपत पूजन आपके लिये एक श्रेष्ठ विकल्प हो सकता है। Sadhana Shivir Booking Form (Online / Offline) Please enable JavaScript in your browser to complete this form.Please enable JavaScript in your browser to complete this form.Full Name *Email * Select Option Your Contact Number *Select Sadhana *Choose Sadhana shivir25-26 July 2026- Dhanada Yakshini Sadhana ShivirAKSHAYA PAATRA LAKSHMI SADHANA SHIVIR64 YOGINI SADHANA SHIVIRKAMAKHYA SADHANA SHIVIRBAGALAMUKHI SADHANA SHIVIRPANCHANGULI SADHANA SHIVIRTARA SADHANA SHIVIRSelect Sdhana Shivir Option *Online - SELF (मै ऑनलाईन भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 5999/-)Online - COUPLE (मै ऑनलाईन भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 7599/-)Online - FAMILY (मै परिवार के साथ ऑनलाईन भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 8999/- including FREE KAVACH)Physical - SELF (मै शिविर मे आकर भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 10000/-) (Included: Lunch, Dinner with stay)Physical - COUPLE (मै शिविर मे आकर भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 15000/-) (Included: Lunch, Dinner with stay)Your Birth DetailsSubmit
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