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Dakshinamurthy Puja: ज्ञान, बुद्धि और आध्यात्मिक प्रकाश प्राप्त करने का दिव्य अनुष्ठान दक्षिणामूर्ति पूजा क्या है? दक्षिणामूर्ति पूजा भगवान शिव के गुरु स्वरूप की विशेष उपासना मानी जाती है। भगवान दक्षिणामूर्ति को समस्त ज्ञान, वेद, शास्त्र और आध्यात्मिक प्रकाश का अधिपति माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान दक्षिणामूर्ति मौन गुरु के रूप में ऋषियों को ज्ञान प्रदान करते हैं। इसलिए उन्हें आदि गुरु भी कहा जाता है। DivyayogAshram में यह पूजा सामान्य वैदिक विधि से नहीं करवाई जाती। यह विशेष तांत्रोक्त विधि द्वारा सम्पन्न करवाई जाती है। हमारे निपुण और अनुभवी पंडित इस अनुष्ठान को पूर्ण नियमों के साथ सम्पन्न करते हैं। तांत्रोक्त पूजा में विशेष मंत्र, न्यास, आवाहन तथा ऊर्जात्मक प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जाता है। इसलिए इसे अधिक प्रभावशाली माना जाता है। यह पूजा विशेष रूप से ज्ञान, बुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और निर्णय क्षमता को मजबूत करने का माध्यम मानी जाती है। भगवान दक्षिणामूर्ति का परिचय भगवान दक्षिणामूर्ति शिव का दिव्य गुरु स्वरूप माने जाते हैं। उनका स्वरूप ज्ञान, विवेक और आत्मबोध का प्रतीक माना जाता है। दक्षिणामूर्ति को वटवृक्ष के नीचे विराजमान दिखाया जाता है। उनके चारों ओर ऋषि ज्ञान प्राप्त करते हुए दर्शाए जाते हैं। उनकी उपासना से मन की उलझनों को दूर करने की मान्यता है। साथ ही सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होने का विश्वास किया जाता है। जब व्यक्ति जीवन में मार्गदर्शन खोज रहा हो, तब भगवान दक्षिणामूर्ति की आराधना विशेष महत्व रखती है। तांत्रोक्त दक्षिणामूर्ति पूजा अधिक प्रभावशाली क्यों मानी जाती है? तांत्रोक्त पूजा विशेष मंत्रों और ऊर्जात्मक प्रक्रियाओं पर आधारित होती है। इसमें देव ऊर्जा जागरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस पूजा में केवल सामान्य पूजन नहीं किया जाता। साथ ही विशिष्ट साधनात्मक प्रक्रियाओं का भी समावेश किया जाता है। वैदिक पूजा अत्यंत पवित्र और श्रेष्ठ मानी जाती है। वहीं तांत्रोक्त पूजा को विशेष उद्देश्य पूर्ति हेतु अधिक प्रभावशाली माना जाता है। इसी कारण अनेक साधक ज्ञान, शिक्षा, करियर और आध्यात्मिक उन्नति हेतु यह पूजा करवाते हैं। DivyayogAshram में यह पूजा पूर्ण श्रद्धा और नियमों के साथ सम्पन्न करवाई जाती है। दक्षिणामूर्ति पूजा की अवधि दक्षिणामूर्ति पूजा सामान्यतः 1 दिन, 3 दिन अथवा 5 दिन की मानी जाती है। 1 दिवसीय पूजा विशेष उद्देश्य और त्वरित अनुष्ठान हेतु यह स्वरूप लोकप्रिय माना जाता है। 3 दिवसीय पूजा ज्ञान, करियर और निर्णय क्षमता से जुड़े विषयों हेतु यह अवधि उपयुक्त मानी जाती है। 5 दिवसीय पूजा गहन आध्यात्मिक और ऊर्जात्मक अनुष्ठान हेतु यह अवधि श्रेष्ठ मानी जाती है। दक्षिणामूर्ति पूजा से लाभ दक्षिणामूर्ति पूजा से अनेक आध्यात्मिक और लौकिक लाभ प्राप्त होने की मान्यता है। • ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि हो सकती है। • अध्ययन में एकाग्रता बढ़ सकती है। • स्मरण शक्ति मजबूत हो सकती है। • निर्णय क्षमता बेहतर हो सकती है। • मानसिक शांति प्राप्त हो सकती है। • आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुल सकता है। • आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है। • करियर संबंधी अवसर प्राप्त हो सकते हैं। • सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है। • गुरु कृपा का अनुभव किया जा सकता है। • भ्रम और असमंजस कम हो सकता है। • साधना में प्रगति हो सकती है। • विवेक और समझ विकसित हो सकती है। • जीवन में स्पष्टता आ सकती है। • सफलता के अवसर बढ़ सकते हैं। कौन इस पूजा को करवा सकता है? यह पूजा सभी श्रद्धालुओं के लिये उपयुक्त मानी जाती है। • विद्यार्थी। • प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थी। • शिक्षक। • आध्यात्मिक साधक। • व्यवसायी। • नौकरीपेशा व्यक्ति। • शोधकर्ता। • गुरु कृपा चाहने वाले श्रद्धालु। • शिव भक्त। • ज्ञान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले व्यक्ति। श्रद्धा रखने वाला कोई भी व्यक्ति यह पूजा करवा सकता है। यह पूजा किन लोगों के लिये लाभकारी है? विद्यार्थियों के लिये जो विद्यार्थी शिक्षा में सफलता चाहते हैं, उनके लिये यह पूजा लाभकारी मानी जाती है। करियर में उन्नति चाहने वाले लोग जो लोग बेहतर अवसर चाहते हैं, उनके लिये यह पूजा उपयोगी मानी जाती है। आध्यात्मिक साधक जो आत्मज्ञान और गुरु कृपा चाहते हैं, उनके लिये यह पूजा विशेष लाभकारी मानी जाती है। निर्णय लेने में कठिनाई अनुभव करने वाले लोग जो लोग जीवन में स्पष्टता चाहते हैं, उन्हें यह पूजा सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकती है। दक्षिणामूर्ति पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त दक्षिणामूर्ति पूजा किसी भी शुभ दिन करवाई जा सकती है। फिर भी कुछ विशेष अवसर अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं। • गुरुवार। • सोमवार। • गुरु पूर्णिमा। • महाशिवरात्रि। • श्रावण मास। • वसंत पंचमी। • गुरु पुष्य योग। • अमृत सिद्धि योग। • शुभ जन्म नक्षत्र दिवस। उचित मुहूर्त की जानकारी DivyayogAshram से प्राप्त की जा सकती है। प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन सहभागिता श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार पूजा में भाग ले सकते हैं। प्रत्यक्ष सहभागिता आप स्वयं उपस्थित होकर अनुष्ठान में सम्मिलित हो सकते हैं। ऑनलाइन सहभागिता दूर रहने वाले श्रद्धालु भी पूजा में भाग ले सकते हैं। पूरी पूजा विधिवत सम्पन्न की जाती है। इसलिए घर बैठे भी श्रद्धालु इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन पूजा में क्या प्रदान किया जाता है? ऑनलाइन पूजा को विशेष रूप से व्यवस्थित किया जाता है। पूजन सम्पन्न होने के पश्चात निम्न सामग्री प्रदान की जाती है। • पूजा की फोटो। • वीडियो क्लिप। • अभिमंत्रित यंत्र। • अभिमंत्रित कवच। • पूजन आशीर्वाद। • आवश्यक मार्गदर्शन। इस प्रकार श्रद्धालु दूर रहकर भी पूजा से जुड़ सकते हैं। DivyayogAshram में दक्षिणामूर्ति पूजा क्यों करवाएं? DivyayogAshram में अनुभवी पंडितों द्वारा विधिवत पूजा सम्पन्न करवाई जाती है। प्रत्येक अनुष्ठान निर्धारित नियमों के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। साथ ही तांत्रोक्त विधि का विशेष पालन किया जाता है। श्रद्धालुओं को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। इसलिए अनेक भक्त विश्वासपूर्वक इस सेवा का लाभ लेते हैं। FAQ 1. दक्षिणामूर्ति पूजा किस उद्देश्य से की जाती है? यह पूजा ज्ञान, बुद्धि, विवेक और गुरु कृपा हेतु की जाती है। 2. क्या ऑनलाइन पूजा करवाई जा सकती है? हाँ, ऑनलाइन माध्यम से पूर्ण पूजा सम्पन्न करवाई जा सकती है। 3. क्या विद्यार्थी यह पूजा कर सकते हैं? हाँ, विद्यार्थियों के लिये यह पूजा अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। 4. पूजा के बाद क्या प्रदान किया जाता है? फोटो, वीडियो, यंत्र और कवच प्रदान किये जाते हैं। 5. क्या यह पूजा 1 दिन की हो सकती है? हाँ, यह पूजा 1 दिन, 3 दिन और 5 दिन की करवाई जा सकती है। 6. क्या नौकरीपेशा व्यक्ति यह पूजा कर सकते हैं? हाँ, करियर उन्नति चाहने वाले व्यक्ति यह पूजा कर सकते हैं। 7. क्या तांत्रोक्त पूजा अधिक प्रभावशाली मानी जाती है? हाँ, अनेक साधक इसे विशेष फलदायी मानते हैं। 8. क्या विशेष मुहूर्त आवश्यक है? विशेष मुहूर्त लाभकारी माना जाता है, परन्तु अन्य शुभ दिन भी उपयुक्त हैं। अंत मे दक्षिणामूर्ति पूजा ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक प्रकाश प्राप्त करने का अत्यंत पवित्र माध्यम माना जाता है। तांत्रोक्त विधि द्वारा सम्पन्न यह पूजा विशेष प्रभावशाली मानी जाती है। यदि आप शिक्षा, करियर, आत्मज्ञान और गुरु कृपा चाहते हैं, तब DivyayogAshram द्वारा सम्पन्न दक्षिणामूर्ति पूजा आपके लिये एक श्रेष्ठ विकल्प हो सकता है। Sadhana Shivir Booking Form (Online / Offline) Please enable JavaScript in your browser to complete this form.Please enable JavaScript in your browser to complete this form.Full Name *Email * Option Shivir Email Contact Number *Select Sadhana *Choose Sadhana shivir25-26 July 2026- Dhanada Yakshini Sadhana ShivirAKSHAYA PAATRA LAKSHMI SADHANA SHIVIR64 YOGINI SADHANA SHIVIRKAMAKHYA SADHANA SHIVIRBAGALAMUKHI SADHANA SHIVIRPANCHANGULI SADHANA SHIVIRTARA SADHANA SHIVIRSelect Sdhana Shivir Option *Online - SELF (मै ऑनलाईन भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 5999/-)Online - COUPLE (मै ऑनलाईन भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 7599/-)Online - FAMILY (मै परिवार के साथ ऑनलाईन भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 8999/- including FREE KAVACH)Physical - SELF (मै शिविर मे आकर भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 10000/-) (Included: Lunch, Dinner with stay)Physical - COUPLE (मै शिविर मे आकर भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 15000/-) (Included: Lunch, Dinner with stay)Your Birth DetailsSubmit
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