Sale!
Ardhanarishvara Puja: संबंधो को मजबूत करने वाली। शिव और शक्ति की संयुक्त कृपा ये पूजा क्या है? अर्धनारीश्वर पूजा भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त स्वरूप की आराधना का विशेष अनुष्ठान माना जाता है। यह स्वरूप सृष्टि के संतुलन, प्रेम, शक्ति और चेतना का प्रतीक माना जाता है। अर्धनारीश्वर का आधा भाग भगवान शिव का तथा आधा भाग माता पार्वती का माना जाता है। यह स्वरूप पुरुष और स्त्री ऊर्जा के दिव्य मिलन को दर्शाता है। DivyayogAshram में यह पूजा सामान्य वैदिक विधि से नहीं करवाई जाती। यह विशेष तांत्रोक्त विधि द्वारा सम्पन्न करवाई जाती है। हमारे निपुण और अनुभवी पंडित इस अनुष्ठान को पूर्ण नियमों के साथ सम्पन्न करते हैं। तांत्रोक्त पूजा में विशेष मंत्र, आवाहन, न्यास तथा ऊर्जात्मक प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जाता है। इसलिए इसे अधिक प्रभावशाली माना जाता है। यह पूजा जीवन में संतुलन, प्रेम, वैवाहिक सुख, आध्यात्मिक उन्नति और पारिवारिक सामंजस्य प्राप्त करने का माध्यम मानी जाती है। भगवान अर्धनारीश्वर का परिचय भगवान अर्धनारीश्वर शिव और शक्ति के अद्वितीय स्वरूप माने जाते हैं। यह स्वरूप दर्शाता है कि शिव और शक्ति एक-दूसरे के बिना अपूर्ण हैं। शिव चेतना के प्रतीक माने जाते हैं। वहीं शक्ति सृजन और ऊर्जा की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं। अर्धनारीश्वर का स्वरूप यह शिक्षा देता है कि जीवन में संतुलन, प्रेम और सहयोग आवश्यक हैं। जब व्यक्ति जीवन में भावनात्मक, वैवाहिक या पारिवारिक असंतुलन अनुभव करता है, तब अर्धनारीश्वर की उपासना विशेष महत्व रखती है। तांत्रोक्त अर्धनारीश्वर पूजा अधिक प्रभावशाली क्यों मानी जाती है? तांत्रोक्त पूजा विशेष मंत्रों और ऊर्जात्मक प्रक्रियाओं पर आधारित होती है। इसमें देव ऊर्जा जागरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस पूजा में केवल सामान्य पूजन नहीं किया जाता। साथ ही विशिष्ट तांत्रिक प्रक्रियाओं का भी समावेश किया जाता है। वैदिक पूजा अत्यंत पवित्र और श्रेष्ठ मानी जाती है। वहीं तांत्रोक्त पूजा को विशेष उद्देश्य पूर्ति हेतु अधिक प्रभावशाली माना जाता है। इसी कारण अनेक साधक वैवाहिक सुख, प्रेम, पारिवारिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन हेतु यह पूजा करवाते हैं। DivyayogAshram में यह पूजा अनुभवी पंडितों द्वारा पूर्ण श्रद्धा और नियमों के साथ सम्पन्न करवाई जाती है। अर्धनारीश्वर पूजा से लाभ अर्धनारीश्वर पूजा से अनेक आध्यात्मिक और लौकिक लाभ प्राप्त होने की मान्यता है। • वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बढ़ सकता है। • पति-पत्नी के संबंध मधुर हो सकते हैं। • प्रेम संबंधों में स्थिरता आ सकती है। • पारिवारिक सुख में वृद्धि हो सकती है। • मानसिक शांति प्राप्त हो सकती है। • भावनात्मक संतुलन विकसित हो सकता है। • आत्मविश्वास मजबूत हो सकता है। • सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है। • शिव और शक्ति की कृपा प्राप्त हो सकती है। • पारिवारिक विवाद कम हो सकते हैं। • आध्यात्मिक शक्ति बढ़ सकती है। • साधना में एकाग्रता बढ़ सकती है। • जीवन में संतुलन स्थापित हो सकता है। • सुख और समृद्धि के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। • मन की अशांति कम हो सकती है। कौन इस पूजा को करवा सकता है? यह पूजा सभी श्रद्धालुओं के लिये उपयुक्त मानी जाती है। • विवाहित दंपत्ति। • विवाह योग्य युवक और युवतियाँ। • गृहस्थ परिवार। • शिव भक्त। • शक्ति उपासक। • आध्यात्मिक साधक। • व्यवसायी। • नौकरीपेशा व्यक्ति। • विद्यार्थी। • पारिवारिक सुख चाहने वाले श्रद्धालु। श्रद्धा रखने वाला कोई भी व्यक्ति यह पूजा करवा सकता है। यह पूजा किन लोगों के लिये लाभकारी है? वैवाहिक जीवन में तनाव अनुभव करने वाले लोग जो लोग दाम्पत्य जीवन में सामंजस्य चाहते हैं, उनके लिये यह पूजा लाभकारी मानी जाती है। विवाह में विलंब का सामना करने वाले लोग जो लोग उपयुक्त जीवनसाथी की कामना करते हैं, उनके लिये यह पूजा उपयोगी मानी जाती है। पारिवारिक असंतुलन अनुभव करने वाले लोग जो लोग घर में शांति और प्रेम चाहते हैं, उन्हें यह पूजा सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर सकती है। आध्यात्मिक साधक जो शिव और शक्ति दोनों की कृपा चाहते हैं, उनके लिये यह पूजा विशेष लाभकारी मानी जाती है। अर्धनारीश्वर पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त अर्धनारीश्वर पूजा किसी भी शुभ दिन करवायी जा सकती है। फिर भी कुछ विशेष अवसर अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं। • सोमवार। • शुक्रवार। • महाशिवरात्रि। • मासिक शिवरात्रि। • श्रावण मास। • नवरात्रि। • गुरु पुष्य योग। • अमृत सिद्धि योग। • विवाह वर्षगांठ का शुभ दिवस। उचित मुहूर्त की जानकारी DivyayogAshram से प्राप्त की जा सकती है। प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन सहभागिता श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार पूजा में भाग ले सकते हैं। प्रत्यक्ष सहभागिता आप स्वयं उपस्थित होकर अनुष्ठान में सम्मिलित हो सकते हैं। ऑनलाइन सहभागिता दूर रहने वाले श्रद्धालु भी पूजा में भाग ले सकते हैं। पूरी पूजा विधिवत सम्पन्न की जाती है। इसलिए घर बैठे भी श्रद्धालु इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन पूजा में क्या प्रदान किया जाता है? ऑनलाइन पूजा को विशेष रूप से व्यवस्थित किया जाता है। पूजन सम्पन्न होने के पश्चात निम्न सामग्री प्रदान की जाती है। • पूजा की फोटो। • वीडियो क्लिप। • अभिमंत्रित यंत्र। • अभिमंत्रित कवच। • पूजन आशीर्वाद। • आवश्यक मार्गदर्शन। इस प्रकार श्रद्धालु दूर रहकर भी पूजा से जुड़ सकते हैं। DivyayogAshram में अर्धनारीश्वर पूजा क्यों करवाएं? DivyayogAshram में अनुभवी पंडितों द्वारा विधिवत पूजा सम्पन्न करवाई जाती है। प्रत्येक अनुष्ठान निर्धारित नियमों के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। साथ ही तांत्रोक्त विधि का विशेष पालन किया जाता है। श्रद्धालुओं को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। इसलिए अनेक भक्त विश्वासपूर्वक इस सेवा का लाभ लेते हैं। FAQ 1. अर्धनारीश्वर पूजा किस उद्देश्य से की जाती है? यह पूजा प्रेम, संतुलन, वैवाहिक सुख और शिव-शक्ति कृपा हेतु की जाती है। 2. क्या ऑनलाइन पूजा करवाई जा सकती है? हाँ, ऑनलाइन माध्यम से पूर्ण पूजा सम्पन्न करवाई जा सकती है। 3. क्या स्वयं उपस्थित होना आवश्यक है? नहीं, ऑनलाइन सहभागिता भी स्वीकार की जाती है। 4. पूजा के बाद क्या प्रदान किया जाता है? फोटो, वीडियो, यंत्र और कवच प्रदान किये जाते हैं। 5. क्या अविवाहित व्यक्ति यह पूजा कर सकते हैं? हाँ, अविवाहित श्रद्धालु भी यह पूजा करवा सकते हैं। 6. क्या दंपत्ति साथ में यह पूजा करवा सकते हैं? हाँ, दंपत्ति संयुक्त रूप से यह पूजा करवा सकते हैं। 7. क्या तांत्रोक्त पूजा अधिक प्रभावशाली मानी जाती है? हाँ, अनेक साधक इसे विशेष फलदायी मानते हैं। 8. क्या विशेष मुहूर्त आवश्यक है? विशेष मुहूर्त लाभकारी माना जाता है, परन्तु अन्य शुभ दिन भी उपयुक्त हैं। अंत मे अर्धनारीश्वर पूजा शिव और शक्ति की संयुक्त कृपा प्राप्त करने का अत्यंत पवित्र माध्यम माना जाता है। तांत्रोक्त विधि द्वारा सम्पन्न यह पूजा विशेष प्रभावशाली मानी जाती है। यदि आप प्रेम, संतुलन, पारिवारिक सुख और आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं, तब DivyayogAshram द्वारा सम्पन्न अर्धनारीश्वर पूजा आपके लिये एक श्रेष्ठ विकल्प हो सकता है। Sadhana Shivir Booking Form (Online / Offline) Please enable JavaScript in your browser to complete this form.Please enable JavaScript in your browser to complete this form.Full Name *Email *Contact Number * Number Select Contact Select Sadhana *Choose Sadhana shivir25-26 July 2026- Dhanada Yakshini Sadhana ShivirAKSHAYA PAATRA LAKSHMI SADHANA SHIVIR64 YOGINI SADHANA SHIVIRKAMAKHYA SADHANA SHIVIRBAGALAMUKHI SADHANA SHIVIRPANCHANGULI SADHANA SHIVIRTARA SADHANA SHIVIRSelect Sdhana Shivir Option *Online - SELF (मै ऑनलाईन भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 5999/-)Online - COUPLE (मै ऑनलाईन भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 7599/-)Online - FAMILY (मै परिवार के साथ ऑनलाईन भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 8999/- including FREE KAVACH)Physical - SELF (मै शिविर मे आकर भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 10000/-) (Included: Lunch, Dinner with stay)Physical - COUPLE (मै शिविर मे आकर भाग लेना चाहता हुं) (Rs. 15000/-) (Included: Lunch, Dinner with stay)Your Birth DetailsSubmit
You may also like…
-

925 Silver Silver ring, Blue topaz, amethyst and pink sapphire 2 Carat Hand Made
$ 94.42 Read more -
Dakshinamurthy Puja for Wisdom Knowledge & Divine BlessingsAdd to cart

-

Silver pendant, spessertite garnet 1.5 carat Natural Stones Handmade
$ 96.30 Add to cart -
Sale!

925 SILVER LONG MUFF CHAIN with Semi Precious Mix Stones Hand Made
$ 75.53 Add to cart





